सनातन धर्म
इसमें कोई संशय नहीं कि देश सबल समर्थ हो रहा है...
परन्तु...
देश और धर्म दोनों अलग अलग है...
धर्म समाप्ति पर भी देश बचा रहता है पर्शिया से ईरान होकर, गन्धार से अफगानिस्तान होकर...
देश सबल होने से धर्म सुदृढ़ होगा यह अनिवार्यता नहीं है किन्तु धर्म सुदृढ़ होने पर देश स्वतः ही सबल हो जाएगा...
यही होता रहा है और यही होगा...
वर्तमान स्थिति में...
हिनू-राष्ट्र का झुनझुना मात्र छलावा है और कुछ नहीं...
अपने सनातनी मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालें...
हिनू मन्दिरों में हिनूओं के दिए दान से ही तृप्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है...
यह मुक्ति मिलने पर हिनू इकोसिस्टम और हिनू इकोनॉमी बनाने में सभी बाधाएँ समाप्त हो जायेंगे...
इकोसिस्टम धन से तैयार होता है...
धन के बिना धर्म का सुदृढ़ीकरण सम्भव नहीं...
यहूदियों के मुद्रा के कारण ही वे जहाँ भी हैं अपने धर्म के लिए प्रयत्नशील हैं...
80% की तृप्तिकरण में हिनू-राष्ट्र का सपना देखना भी निरर्थक है...
पुनः गुरुकुल सिस्टम तैयार होते ही हिनू सुदृढ़ीकरण आरम्भ हो जाएगा...
यही एकमात्र विकल्प है....
जय सनातन🙏
#प्रेमझा
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