सनातन धर्म

भगवान श्री आदि वाराह (श्री हरि विष्णु जी का तृतीय अवतार) का अकल्पनीय अविश्वसनीय मूर्ति अपने महीन कलाकृतियों के लिए अतुलनीय हैं।

भगवान श्री आदि वाराह पृथ्वी को रसातल से सुरक्षित अपने दाँतो पर उठा कर लाए थे और इसके उपरांत हिरण्याक्ष का वध किए थे।

यह आदि वाराह प्रतिमा चेन्नाकेशवा मन्दिर बेलूर, हसन जनपद कर्नाटक में स्थित हैं। (चित्र - साभार)

चेन्नाकेशवा मन्दिर को केशव, केसवा या विजयनारायण मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है।

इस मन्दिर का निर्माण सम्राट विष्णुवर्धन ने १११७ ई. में बेलूर के यगाची नदी के तट पर आरंभ करवाया था।

इस मन्दिर का निर्माण उनके तीन पीढ़ियों के राजाओं के द्वारा होता रहा और १०३ वर्षों में निर्माण सम्पूर्ण हुए।

इस मन्दिर को बार बार युद्ध में क्षतिग्रस्त और ध्वस्त हो कर पुनर्निर्माण होता रहा है।

यह मन्दिर हसन जनपद मुख्यालय से ३५ की.मी. और बेंगलुरु से २०० की.मी. पर स्थित है।

मन्दिर १००० वर्ष से भी अधिक पुरातन होने पर भी दर्शकों को अपने अनुपम सौंदर्य के कारण आकर्षित करता है।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय श्री हरि नारायण 🙏🌹

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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