सनातन धर्म
ॐ तत्सत.!!
सनातन ही एकमात्र धर्म है जो प्रकृति प्रदत्त नियमों से संचालित, नियंत्रित और निर्देशित है।
अन्य पंथ में एक व्यक्ति प्रदत्त विचारधारा को ही मानता और अनुसरण किया जाता है।
अब जब यह सनातन धर्म प्रकृति प्रदत्त है तो इसमें हम पंचभूतों को पूजते हैं।
क्योंकि यह सम्पूर्ण सृष्टि इसी पंचभूत का ही विस्तार है।
यहाँ कण कण में शिव हैं इसलिए सनातन संस्कृति में पेड़, पत्थर, नदी, पर्वत, पशु, पक्षी, जल, थल, नभ सभी पूज्यनीय है।
सनातन धर्म, एकमात्र धर्म है जो व्यक्ति, परिवार, समाज, समुदाय और देश के समृद्धि और कल्याण का आकांक्षी रहा है।
सर्वेभवन्तु सुखिनः, सर्वेसन्तु निरामयाः की संकल्पना मात्र सनातन धर्म में ही है।
आईये सिकुलरिज्म के अफीम का त्याग कर सनातन का अमृतपान करें.!!
आदि हैं ! अंत हैं ! शिव ही अंनत हैं.!!
समय हैं ! काल हैं ! शिव ही महाकाल हैं.!!
देवाधिदेव की कृपादृष्टि सभी सनातनी स्नेहीजनों पर बनी रहे.!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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