सनातन धर्म
कितना नयनाभिरामी और अद्भुत दृश्य है..!!
चहुँ ओर शिवलिङ्गम ही दृश्यमान हैं.!!
(चित्र-साभार)
यह कर्नाटक के शिवकाशी नदी का मनोहारी दृश्य है जो जल स्तर घटने पर दिखाई देते हैं।
चहुँ ओर जो लाखों की संख्या में शिवलिङ्गम दृष्टिगोचर हो रहे हैं इनका अभिप्राय क्या है.???
इन्हें निर्माण करने वाले कौन से सनातनी पूर्वज रहे थे और इन्हें इतने विस्तृत क्षेत्र में क्यों बना कर छोड़ गए हैं.??
इन शिवलिङ्गम के निर्माण का प्रयोजन क्या रहा होगा.???
कितना श्रमसाध्य रहा होगा हमारे पूर्वजों के लिए इन्हें निर्मित करना.???
परन्तु शैव परम्परा में शिव भक्ति में आनंदविभोर हो इनका निर्माण कर उन्होंने इन समृद्ध सनातन धरोहरों हमारे मंथन के निमित्त ही छोड़ गए हैं.!!
सहस्रों वर्ष प्राचीन यह निर्माण किसी विशिष्ट सनातनी समूह द्वारा अवश्य ही किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य हेतु ही किया गया होगा.!!
यह रहस्य तो आज तक अनावृत नहीं हो पाया है.!!
इस विस्तृत क्षेत्र में शिवलिङ्गम के अतिरिक्त नंदी जी, आञ्जनेय महावीर जी, श्री गणपति जी आदि भी निर्मित हैं।
अद्वितीय अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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