सनातन धर्म

शिल्पकला और वास्तुकला जहाँ अपने श्रेष्ठता को प्राप्त करते हैं....!!!!

जिनके दीवारों पर वैदिक सनातन धर्म की महागाथा पत्थरों पर अंकित हैं...!!!

उसी अकल्पनीय, अतुलनीय मन्दिर को श्री मीनाक्षी अम्मान मन्दिर कहा जाता है।

श्री मिनाक्षी अम्मान मन्दिर, मदुरई, तमिलनाडु।

अरुलमिगु मीनाक्षी सुंदरेश्वर मन्दिर  सनातन धर्म का एक ऐतिहासिक महत्व का मन्दिर है जो वैगई नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।

यह मन्दिर थिरुकामकोट्टम उदय आलूदैया नचियार "देवी मीनाक्षी" को समर्पित है।

देवी मीनाक्षी पार्वती जी के ही एक रूप हैं जिनका पाणिग्रहण देव सुंदरेश्वर भगवान शिव के रूप से हुआ है।

तमिल संगम साहित्य (छठी शताब्दी) में वर्णित है कि मीनाक्षी मन्दिर मदुरई नगर के केंद्र में स्थित है।

तमिल शिव नारायण (छठी - नौवीं शताब्दी) के सूक्तों वर्णित 'पादल पत्र स्थलम' के २७५ शिव मन्दिरों के समूह का, मीनाक्षी मन्दिर भी उनमें से एक मन्दिर है।

मीनाक्षी मन्दिर में त्रेतायुग (मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम युग) द्वापरयुग (लीलाधारी श्री कृष्ण युग) और कलियुग (श्री कल्कि अवतार) के धार्मिक, सामाजिक जीवन के गाथाओं को मूर्तियों में गढ़ कर जीवंत किया गया है। (चित्र - साभार)

इस मन्दिर की तुलना का कोई अन्य मन्दिर या भवन समकालीन विश्व के किसी भी देश में देखने नहीं मिलता है।
(Zoom करके देखें)

वैभवशाली सनातन धरोहर....!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय माँ मीनाक्षी 🙏🌺

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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