सनातन धर्म
यह प्रचलित उक्ति है कि "अंधों के हाथ बटेर लग जाता है तो वह नाचने लगता है।"
जिसे पाश्चात्य जगत "SEVEN wonders" या सात आश्चर्य/अजूबा कहता है न, वास्तव में वह संसार को छलने मात्र का एक कपोल कल्पित कथा है।
यह कुछ - कुछ अंधों के हाथों बटेर जैसा ही है।
जिस किसी भी गैंग ने इस सूची को बनाया है उसने आर्यावर्त भरतखण्ड को भ्रमण कर समग्रता से देखा ही नहीं है।
यदि वो गैंग अ कलुषित हो स्वच्छ हृदय से इस भूमि पर एक बार विचरण कर लिया होता तो "wonders" के लिए उसे अन्य कहीं भटकना ही नहीं पड़ता।
आर्यावर्त भरतखण्ड में तो पग - पग पर wonders ही बिखरे पड़े हैं।
ये वो मोती है कि गिनने वाला थक जाएगा पर मोती नहीं चुकेगा।
इस पवित्र भूमि पर सात नहीं, सात सहस्र नहीं, सात लाख नहीं, सात कोटि कोटि wonders आज भी विद्यमान हैं।
ध्यान रहे ईसा पूर्व ५५० से ही इस पवित्र धरा पर विधर्मियों का आक्रमण होता रहा है और आक्रमणकारियों ने यहां के अतुलनीय सनातन वास्तुशिल्प के धरोहरों को ध्वस्त, नष्ट, करता रहा है।
वर्तमान समय में भी जो धरोहर शेष बचे हैं वे अतुलनीय, अकल्पनीय हैं।
उनमें से कुछ की संयुक्त छवि संलग्न है।
(चित्र - साभार)
गर्व करें अपने सनातन धरोहरों पर और नमन करें इनके सनातनी शिल्पकार पूर्वजों को.!!
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय महाकाल 🙏🌺🚩
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