सनातन धर्म

यह श्री (नृत्य) गणपति जी की प्रतिमा अपने सौंदर्य से दर्शनार्थियों को आनन्दित करते हैं।

जिन सनातनी शिल्पकारों ने इनका सृजन किया है उनके एकाग्रता की कल्पना करें..!!

एक असन्तुलित आघात प्रतिमा के सम्पूर्ण सौंदर्य को नष्ट कर सकता था।

परन्तु सनातनी पूर्वजों ने अपने कला निपुण हाथों से इस अद्वितीय प्रतिमा का सृजन कर विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर छोड़ गए हैं कि वे इन्हें देखें और सनातनी पाषाण शिल्पकला के सम्मान में नत हो जाएँ।(चित्र-साभार)

यह अद्भुत विनायक गणेश जी की प्रतिमा बारहवीं शताब्दी का बना हुआ है।

आज एक सहस्र वर्ष बीत जाने के पश्चात भी इनके सौंदर्य में कोई कमी नहीं है।

ये प्रतिमा आज के आधुनिक शिल्पकार को चुनौती दे रहे हैं कि इनकी एक प्रतिलिपि तो बनाकर दिखाओ.!!

यह दुर्लभतम प्रतिमा हलेबीदु, कर्नाटक में स्थापित है।

अतुलनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म 🙏🚩

जय विघ्नहर्ता विनायक जी🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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