सनातन धर्म
वैदिक सनातन धर्म कितना प्राचीन है इसका तो अनुमान भी आधुनिक विज्ञान कभी नहीं लगा सकता है..!!!
सनातन धर्म इस विज्ञानियों के कल्पना से भी अतिप्राचीन है..!!!
यह पीतल का दुर्लभतम विग्रह श्री शङ्ख-चक्र-गदा-पद्म धारी श्री हरि नारायण विष्णु के हैं और विग्रह के पार्श्व में भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा रेखांकित की हुई हैं।
विग्रह में सिर पर शेषनाग का छत्र बना दिया हुआ है।
(चित्र साभार)
इस विग्रह को कैलिफोर्निया, अमेरिका में प्रयोगशाला में "कार्बन १४ डेटिंग (carbon 14 dating)" के द्वारा जाँच कर समय निर्धारण करवाया गया तो आश्चर्यजनक और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
इस मूर्ति का काल निर्धारण ईसा पूर्व २६४५० वर्ष माना गया है।
अर्थात वर्तमान समय में यह प्रतिमा २८४७३ (अट्ठाइस सहस्र चार सौ तेहत्तर) वर्ष प्राचीन माना गया।
इस भगवान विष्णु के कल्प विग्रह मूर्ति को विश्व का सबसे प्राचीन मूर्ति प्रमाणित कर दिया गया है।
अब ध्यान देकर विचार करें कि विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताएँ यथा सिन्धु घाटी सभ्यता, मिश्र की सभ्यता व सुमेरियन सभ्यता भी अधिकतम ६००० (छः सहस्र) वर्ष प्राचीन माना गया है।
किन्तु यह प्रतिमा विश्व के प्राचीनतम सभ्यताओं से भी २२००० (बाइस सहस्र) वर्ष प्राचीन है।
अब यह अवश्य सोचकर देखें कि जब अट्ठाइस सहस्र वर्ष पूर्व भी सनातन धर्म के लोगों को धातु प्रसंस्करण व धातु से मूर्ति गढ़ने की विधा ज्ञात थी तो वह सभ्यता कितना उन्नत रहा होगा..!!
इस प्रतिमा को देखिए और अपने सनातन धर्म, संस्कृति, परम्परा व पूर्वजों पर गौरवान्वित होईए..!!
गौरवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय श्रीमन्नारायण 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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