सनातन धर्म
आदौ राम तपोवनादिगमनं, हत्वा मृगं कंचनं।
वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्॥
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंका पुरीदाहनम्।
पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननं, एतद्धि रामायणम्॥
"सारंगपाणि" मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम का एक नाम है।
श्री राम के धनुष का नाम सारंग होने के कारण उनका नाम "सारंगपाणि" है।
प्रभु श्री राम के सारंगपाणि रूप का एक अद्भुत प्रतिमा श्री सोमेश्वर मन्दिर तेलंगाना में स्थापित है।
(चित्र-साभार)
भगवान श्री राम सारंग मुद्रा में धनुष-बाण धारण किए हुए हैं।
प्रभु श्री राम के मुखमण्डल दिव्य आभा से आलोकित हैं।
प्रभु श्री राम के आभूषणों, मुकुट, वस्त्रों को उत्कृष्ट शिल्पकारी से सनातनी कलाकारों ने गढ़ा है, जो उनके कला प्रवीणता और निपुणता का परिचायक है।
भगवान श्री राम के सिंहासन को कलाकृतियों और तोरण से अप्रतिम रूप से अलंकृत किया गया है।
यह प्रतिमा सनातनी वास्तुशिल्प का अद्भुत उदाहरण है।
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय जय श्री राम🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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