सनातन धर्म
परम् पिता देवाधिदेव महादेव, सर्वशक्तिमान, सर्वग्राही, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी हैं।
यह चराचर जगत उन्हीं के अनुकम्पा से चलायमान है।
वे जब तक नहीं चाहेंगे तब तक किसी भी वस्तु का विनाश सम्भव ही नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में कहीं यह अतिप्राचीन शिव मन्दिर इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। (चित्र - साभार)
जब लौकिक जगत की माया में उलझ कर सबों ने इस शिवालय को छोड़ दिया तो प्रकृति स्वयं इसे अपने अंक में भरकर इसे संरक्षित कर दिया है।
अब तो इस विशाल वृक्ष के जड़/तना ही इस शिवालय के भीत और छत हैं।
अनुपम शिवलिङ्गम मन्दिर में स्थापित हैं और अपने दिव्य तेज से वातावरण को प्रकाशित कर रहे हैं, अपना आशीर्वाद सबों पर बरसा रहे हैं।
बाहर नन्दी महाराज भी प्रतीक्षारत हैं।
कितना दिव्य अलौकिक दृश्य है।
दुर्लभतम सनातन धरोहर....!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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