सनातन धर्म

जब देवी माँ शुम्भ-निशुम्भ से युद्धरत थीं तो सभी देवों ने अपने स्त्री-शक्ति को देवी माँ की सहायता के निमित्त भेजे थे।

ये स्त्री-शक्ति "सप्त मातृकाएँ" कहलाती हैं।

ये देव ब्रह्मदेव, श्री विष्णु, देवाधीदेव महेश्वर, देवराज इन्द्र, षण्मुख कुमार, वाराह देव एवं नृसिंह देव हैं।

सप्त-मातृकाओं में सात देवियाँ :- ब्रह्माणी, वैष्णवी, माहेश्वरी, ऐन्द्री, कौमारी, वाराही एवं नृसिंही हैं।

इनके अतिरिक्त श्री विनायक अपने स्त्री शक्ति "विनायकी" को भेजे थे।

सप्त-मातृकाओं में से एक माँ वाराही की यह अनुपम दुर्लभतम चतुर्भुजी प्रतिमा है।

माँ वाराही भगवान नारायण के वाराह अवतार की स्त्री-शक्ति हैं।

यह मनमोहिनी वाराही प्रतिमा श्री एकम्बरेश्वर मन्दिर के मण्डपम में निर्मित हैं।
(चित्र-साभार)

श्री एकम्बरेश्वर मन्दिर परमपिता भगवान महादेव को समर्पित है।

श्री एकम्बरेश्वर मन्दिर प्राचीन काँची नगर, तमिलनाडु में स्थित हैं।

इस वाराही प्रतिमा में सनातनी शिल्पकारों की कला निपुणता स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है।

माँ वाराही की मुखाकृति, वस्त्र, आभूषण, शस्त्र, एवं हस्त-मुद्रा में सनातनी शिल्पकारों की दक्षता और कला के प्रति समर्पण दिखाई देता है।

सनातनी पूर्वजों को कोटि कोटि धन्यवाद कि उन्होंने ऐसे आदर्श प्रतिमाओं को गढ़ कर हमारे लिए छोड़ दिए हैं।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म 🙏🚩

जय माँ वाराही🙏🌺

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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