सनातन धर्म

कोई कितना भी निपुण शिल्पकार हो,  बिना आस्था, भक्ति और समर्पण के ऐसा सृजन असम्भव है।

यह अद्वितीय, अतुलनीय, अद्भुत श्री बालाजी वेंकटेश्वर भगवान का विग्रह शिल्पकार के आस्था भक्ति और समर्पण का कथा स्वयं कह रहे हैं।

यह भक्ति, आस्था और समर्पण सनातन धर्म के अतिरिक्त और किसी "किताबी" में हो ही नहीं सकता।

श्री बालाजी व्यंकटेश का विग्रह सूरजकुण्ड, फरीदाबाद।

शिल्पकार के श्रम और कला के प्रति समर्पण सोचकर ही रोमांच की अनुभूति होती है। (चित्र - साभार)

लौटें अपने सनातन संस्कृति की ओर।

विस्मयकारी सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय श्री व्यंकटेश्वर 🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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