सनातन धर्म

ये हैं भारत के सनातन धर्म की अकल्पनीय कलाकृतियाँ व वास्तुशिल्प।

रानी जी की बाव (बावड़ी), पाटन, गुजरात।

रेगिस्तानी पशुओं के झुंड और फिरंगी आक्रांताओं ने भारतवर्ष में प्रवेश किया और सनातन वास्तु और शिल्पकला को  तहस-नहस कर दिया।

इस दुनिया के सात अजूबों का नाम रखने वालों ने कभी रानीजी की बावड़ी की यात्रा नहीं की।

जल की शुद्धता को उजागर करने वाले एक उल्टे मंदिर के रूप में निर्मित किया गया यह बावड़ी  सनातनी पूर्वजों की अद्वितीय कृति हैं। (चित्र - साभार)

यह मूर्तिकला पैनलों के साथ सीढ़ियों के ७ स्तरों में विभाजित है। यह  ६४ × २० × २७  घन मीटर के माप में है।

रानीजी की बावड़ी गुजरात के पाटन में स्थित एक अनूठा कूआँ है, जो सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। 

इस बाव के भीत पर श्री हरि नारायण के दशावतारों को जीवंत मूर्तियों के रूप में गढ़ा गया है।

इसके निर्माण का श्रेय सौराष्ट्र के खेंगारा की बेटी "देवी उदयमाती" को दिया जाता है, जो ग्यारहवीं शताब्दी के चौलुक्य वंश की रानी और भीम प्रथम की पत्नी हैं।

धन्य हैं वो सनातनी वास्तुकार/शिल्पकार जिन्होंने इन्हें इसका निर्माण कार्य किए।

और धन्य हैं वे नरेश जिन्होंने इस सनातन शिल्पकला को प्रश्रय और संरक्षण दिए।

अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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