सनातन धर्म
गन्धार नरेश, द्यूत व्यसनी, कुटिल शकुनि का मन्दिर और वह भी भारत में....!!
आश्चर्य हो रहा है न....!!
किन्तु इसी प्रकार की असामान्य विचारों के कारण ही इस देश को विविधता वाला देश कहा जाता है।(एकता की बात नहीं कर रहा)
यह मन्दिर इस बात का प्रमाण है कि इस देश के जहाँ अच्छाई का पूजन किया जाता है वहीं दूसरी ओर छल-कपट को भी पूजा जाता है।
मान्यता है कि द्वापरयुग में शकुनि ने यहीं एक ग्रेनाइट चट्टान पर बैठकर भगवान महादेव को प्रसन्न करने हेतु तपस्या किया था।
कहा जाता है कि इसी ग्रेनाइट चट्टान से शकुनि की प्रतिमा को बनाया गया है।
(सभी चित्र-साभार)
मायामकोट्टु मालांचारुवु मालानाड़ा मन्दिर शकुनि को समर्पित है।
यह मन्दिर पवित्रेश्वरम में कोट्टाराक्का के निकट, कोल्लम जनपद, केरल में स्थित है।
केरल वह राज्य जहाँ एक ओर भगवान नारायण का विश्व विख्यात श्री पद्मनाभस्वामी मन्दिर, तथा अखण्ड ब्रह्मचारी भगवान अयप्पा स्वामी का श्री सबरीमाला मन्दिर है तो दूसरी ओर कपटी शकुनि का मन्दिर भी यहीं है।
एक समुदाय जो अपने को कौरवों के वंशज मानता है, इस स्मारक में पूरी दृढ़ता, समर्पण और भक्ति से पूजन करता है।
आश्चर्यजनक धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय महाकाल🙏🚩🔱
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