सनातन धर्म
बस अनुमान लगाएँ कि कितना क्रूर, निर्दयी, असभ्य, अत्याचारी, विकृत मानसिकता का और दुराचारी होगा वह आततायी, विधर्मी, म्लेच्छ आक्रांता जिसने भगवान शिव के इस मनमोहक, जीवंत मृत्युञ्जय रूप को विखंडित किया होगा.!
कितना विष और द्वेष भरा हुआ होगा उस विधर्मी के मस्तिष्क में.!
क्या विधाता उस दूषित रक्त के दुष्ट को कभी क्षमा करेंगे.??
क्या आप कभी भी किसी सत्ताजीवी राजनेताओं या सिकुलर गिरोह के कहने पर उसे क्षमा कर पाएँगे.??
क्या इस वीभत्स दृश्य को देखकर भी "भाई-चारे" की पीपनी बजा पाएँगे.??
स्यात नहीं ही....!!
आज खण्डित होने पर भी इस विग्रह की कांति अचंभित करता है, सम्मोहित करता है.!!!
अद्वितीय, अकल्पनीय श्री मृत्युञ्जय विग्रह, पाल साम्राज्य कालीन, बंगाल। (चित्र - साभार)
अद्भुत सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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