सनातन धर्म

आर्यावर्त के सनातनी शिल्पकारों ने जब भी किसी पत्थर को हृदय से स्पर्श किया तो उस पत्थर से सौंदर्य और भक्ति की पवित्र धारा प्रवाहित हो चली।

भगवान मल्लिकार्जुन प्रभु शिव के ही एक रूप हैं।

गोवा में भगवान मल्लिकार्जुन का एक प्राचीन मन्दिर स्थापित है।

यह प्राचीन मन्दिर अठारहवीं सदी का निर्माण माना जाता है।

इस मन्दिर में भगवान मल्लिकार्जुन के अतिरिक्त साठ अन्य देवी - देवों की प्रतिमाएँ विद्यमान हैं।

श्री मल्लिकार्जुन मन्दिर पलोलेम, गोवा में स्थित हैं।

यह मल्लिकार्जुन मन्दिर स्थानीय लोगों में बहुत लोकप्रिय है और बड़ी संख्या में भक्त इसके दर्शन करने आते हैं।

इसी प्राचीन मल्लिकार्जुन मन्दिर के एक झरोखे का यह दृश्य है।
(चित्र-साभार)

सनातनी शिल्पकारों ने कितने अनूठे रूप में पार्वतीनन्दन भगवान स्कन्द कार्तिकेय को यहाँ पर गढ़े हैं।

भगवान कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर विराजमान हैं।

भगवान कार्तिकेय दशभुजी रूप में हैं।

भगवान कार्तिकेय के हाथों में अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं।

भगवान कार्तिकेय और उनके वाहन मोर को इतने अलंकृत रूप में गढ़ा गया है जो शिल्पकारों के कल्पनाशीलता और शिल्प-निपुणता के द्योतक हैं।

ध्यान से मयूर के पँखों और भगवान मुरूगन के मुकुट पर बने सूक्ष्म क्लाकृतियों, आभूषणों, अस्त्र शस्त्र को देखें तो आप शिल्पकार की सराहना किए बिना नहीं रह पाऐंगे।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय सुब्रमण्यम स्वामी 🙏🌺

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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