सनातन धर्म
कैसे निभाऊँ "भाईचारा" और कैसे मान लूं "गंगा - जमनी - तहजीब" जैसा भी कुछ होता है....!!
कैसे भूल जाऊँ अपने आराध्य देव के साथ हुए अत्याचार और अपमान को.???
यह अकाट्य सत्य है कि साँप के गर्भ से संपोला ही जन्म लेता है, केंचुआ नहीं।
उसके द्वारा दिए गए यातनाओं की वेदना और टीस आज भी चुभ रही है।
यह जीर्ण शीर्ण भग्नावशेष अतीत में कश्मीर में रहे सनातन के समृद्ध जड़ों का जीवंत साक्ष्य है।
यह भग्नावशेष रेगिस्तानी पशुओं द्वारा किए गए अत्याचार/विध्वंस/क्रूरता का रक्त रंजित प्रमाण है।
यह भग्नावशेष महान सनातनी सम्राट लालित्य मुक्तपिड के द्वारा बनवाया गया प्राचीन वैभवशाली शिव मन्दिर का है।(चित्र-साभार)
यह जीर्ण शीर्ण शिवालय श्री वागनाथ शिव मन्दिर, गांदरबल, कश्मीर है।
यह भग्नावशेष अतीत के नेत्रों से पीड़ा से निकले अश्रु-बूँद हैं जो चक्षुओं ठहर गए हैं, जम गए हैं।
यह भग्नावशेष समस्त संसार को यह बताने के लिए है कि जिसे तुम "भाई" मनवाने के लिए विवश कर रहे हो वह वास्तव में मुखौटों में छुपा वही अत्याचारी है जो अपने राक्षस प्रवृत्ति को मुखौटे से छुपा कर धोखा दे रहा है।
इसे देखकर सभी सनातनियों को सीखने, सचेत रहने, सावधान रहने और 'भाई - चारे' को लात मारकर दूर करने की अतीव आवश्यकता है।
प्रतीक्षा है पुनः कोई लालित्य मुक्तपिड आएँ जो इसका पुनर्निर्माण कर इसके प्राचीन वैभव को लौटा दे.!!
वैभवशाली सनातन धरोहर के भग्नावशेष...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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