सनातन धर्म
आर्यावर्त का राजसत्ता जब तक सनातन धर्म द्वारा निर्देशित किया जाता रहा तब तक सदा समृद्धि सम्पदा से देश परिपूर्ण रहा।
विधर्मी म्लेच्छों ततपश्चात फिरंगी लुटेरों ने यहाँ के जनसमान्य के विचारों को दूषित कर धर्म विमुख कर दिया।
परिणामस्वरूप समृद्धि शनैः - शनैः अवसान की ओर अग्रसर होता गया।
आज तो राजसत्ता "सिकुलर गिरोह" के चंगुल में कराह रहा है और राजकीय क्रियाकलापों में "कट - पेस्ट shame-वि.धान" का ही बोलबाला है।
गहरे तल पर चिंतन करने पर पाएँगे की उत्तरी क्षेत्र की अपेक्षा दक्षिणी क्षेत्र में मन्दिरों, धर्म स्थलों और धार्मिक अनुष्ठानों का संरक्षण पर्याप्त मात्रा में है।
इसका कारण है कि असभ्य लुटेरों रेगिस्तानी पशुओं का विध्वंसक शक्ति उत्तर की अपेक्षा दक्षिण में क्षीण हो गया था।
शैव परम्परा उत्तर में कश्मीर और दक्षिणी क्षेत्रों में चोल साम्राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका में रहा है।
चोल साम्राज्य के राजराजा, राजेन्द्र प्रथम आदि ने भगवान शिव के मन्दिरों, मण्डपों आदि के निर्माण तथा वास्तु एवं शिल्पकला के संरक्षण में महती भूमिका निभाई है।
विजयनगर साम्राज्य विश्व में अपनी समृद्धि के कारण सुविख्यात रहा है।
चोल साम्राज्य के प्रतापी सम्राट राजेन्द्र प्रथम (१०१४-४४ ई.) ने गंगाईकोंडा चोलपुरम नगर की स्थापना १०२५ ई. में किया।
आनेवाले २५० वर्षों तक यह चोल राजधानी में रूप में सक्रिय रहा।
गंगाईकोंडा चोलपुरम में तंजौर से चोल राजधानी को स्थानांतरित किया गया था।
सम्राट राजेन्द्र प्रथम ने पूर्ण आस्था एवं समर्पण से श्री चोलेश्वर मन्दिर का निर्माण कार्य करवाया था।
श्री चोलेश्वर मन्दिर परमपिता भगवान शिव को समर्पित है। चोल शासक शैव परम्परा से थे।
यह मन्दिर गंगाईकोंडा चोलपुरम, जयनकोंडम के निकट, अरियालुर जनपद, तमिलनाडु में स्थित है।
इस मन्दिर में भिन्न-भिन्न देवताओं के अतिदुर्लभ नयनाभिरामी मूर्तियों का निर्माण सनातनी शिल्पकार के कला निपुण हाथों से हुआ है।(सभी चित्र-साभार)
इन मूर्तियों में अर्धनारीश्वर, माता पार्वती, माता भवानी, नटराज आदि बने हुए हैं।
मूर्तियाँ इतनी जीवंत हैं कि दृष्टि नहीं हटती है।
मूर्तियों के मुखमंडल, देह-यष्ठी, आभूषणों-अलंकरणों' भावभंगिमाओं में शिल्पकार का उत्कृष्टता स्पष्टता से परिलक्षित होता है।
धन्य हैं वे सनातनी पूर्वज जिन्होंने इनकी रचना की है और धन्य हैं वो सनातनी सम्राट जिन्होंने इस कला और कलाकारों को आश्रय और संरक्षण दिए।
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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