सनातन धर्म

आप आज तकनीकी रूप से कितने ही आधूनिक हो जाएँ परंतु प्राचीन सनातनी वास्तु शिल्प शैली के कौशल से जब आपकी तुलना होगी तो आप सदैव कमतर ही पाए जाएँगे।

जिस मन्दिर के अद्वितीय सौंदर्य को षड्यंत्र के द्वारा वामपंथियों और गुलाबो गैंग ने समान्य लोगों के बीच  विख्यात नहीं होने दिया।

वे अपने कुटिल नीति से सनातनी धरोहरों के सौन्दर्य और ख्याति को कुछ समय के लिए छुपा सकते थे, धूमिल कर सकते थे, पर समाप्त नहीं कर सकते थे।

और षड्यंत्रों के घटाटोप अंधकार को चीर कर देदीप्यमान सूर्य के सदृश्य यह सौंदर्यपूर्ण सनातन धरोहर चमक रहा है।

यह मन्दिर अपने अलौकिक सौंदर्य के पश्चात भी अधिकांश लोगों को अल्प ज्ञात है क्योंकि वामपंथी लुगदी उपन्यासकार (कथित इतिहासकार) ने इसके महान इतिहास को छुपा दिया।

ये हैं चांग बटेश्वर मन्दिर, पुणे, महाराष्ट्र।

चांग बटेश्वर मन्दिर पुरन्दर किला (नारायणपुर) के निकट स्थित है। (चित्र - साभार)

यह मन्दिर hemadpanti वास्तुशिल्प का अनुपम नमूना है।

चांग बटेश्वर मन्दिर देवाधिदेव महादेव को समर्पित हैं।

यह मन्दिर १३ वीं शताब्दी में निर्मित है और दर्शनार्थियों को अपने अनुपम सौंदर्य के कारण मन्त्रमुग्ध कर देता है।

इसके सूक्ष्म रचनाओं के सम्पूर्णता और एक एकरूपता को ध्यान से देखने पर आपको शिल्पकार के कला प्रवीणता और निपुणता का भान सहज ही हो जाएगा।

चांग बटेश्वर मन्दिर की दीवारों पर महाराजा चांग के उपदेश उकीर्ण हैं।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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