सनातन धर्म

अहा!!! क्या अनुपम दृश्य है.!!

इस ग्रेनाइट स्तम्भ को ज़ूम करके देखें.!!

इसमें आप पाएँगे कि सतयुग कालीन घटना को कितने निपुणता से उकीर्ण किया गया है।

इस कलाकृतियों में यह दर्शाया गया है कि जब महर्षि दुर्वासा के श्राप से देवराज इंद्र श्री हीन हो गए और उनका राज्य भी चला गया तो श्री नारायण के सुझाव पर उन्होंने दैत्यराज बलि से समझौता कर समुद्र मंथन किया गया था।

इसमें पर्वतराज मंदराचल को मथानी, नागराज वासुकी को नेति (डोरी) और श्री विष्णु के कूर्म अवतार को आधार बनाकर समुद्र मंथन किया गया।

नागराज वासुकी के मुख की ओर दैत्यराज बलि के नेतृत्व में दैत्य समूह और पूँछ की ओर देवराज इंद्र के नेतृत्व में देव समूह ने मिलकर समुद्र मंथन किया।

इस निर्माण में सनातनी शिल्पकारों के द्वारा दिया गया श्रम, समय और समर्पण सोचकर ही सम्मान में मस्तक नत हो जाता है।

श्री रुद्रेश्वर मन्दिर, पालमपेट, तेलंगाना।
(चित्र - साभार)

श्री रुद्रेश्वर मन्दिर को रामप्पा मन्दिर भी कहा जाता है।

अद्वितीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🙏
#प्रेमझा

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