सनातन धर्म
अमरकंटक में ३५०० फीट की ऊँचाई पर मैकाल, सतपुड़ा और विंध्य पर्वत माला के मध्य एक वैभवपूर्ण भव्य मन्दिर का निर्माण किया गया है।
श्रीयन्त्र महामेरू मन्दिर का प्रवेशद्वार आश्चर्यजनक, लुभावना और जटिल वास्तुशिल्प से निर्मित किया गया है।
मन्दिर के प्रवेशद्वार पर चार मुखाकृति वाली एक विशाल मूर्ति है। जिनमे देवी काली, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती, व देवी भुवनेश्वरी की मुखाकृति बनाई गई हैं।
उनके ठीक नीचे ६४ योगिनियों (देवी की सहयोगियों) की छोटी आकर्षक मूर्तियाँ गढ़ी गई हैं। ये पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण चारों ओर १६ - १६ लघु मूर्तियाँ लगी हैं। (चित्र - साभार)
उसके नीचे देवियों, नर्तकियों की आकर्षक मूर्तियों का निर्माण किया गया है अस्त्र-शस्त्र व वाद्ययंत्रों से सुसज्जित हैं।
इस मन्दिर का निर्माण ज्योतिष के अनुसार गुरु पुष्प नक्षत्र में १९९१ ई. में आरम्भ किया गया था क्योंकि निर्माण के लिए यह नक्षत्र सबसे शुभ माना गया था।
इनमें एक अलौकिक आकर्षण शक्ति है जो दर्शनार्थियों को मन्त्रमुग्ध कर देते हैं, सम्मोहित कर देते हैं।
सौन्दर्यपूर्ण सनातन धरोहर....!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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