सनातन धर्म
सनातनी पूर्वजों के द्वारा अपने आराध्य देव की आराधना, पूजन, ध्यान के लिए अकल्पनीय, अविश्वसनीय स्थलों का निर्माण किया गया है।
ये स्थल एक से बढ़कर एक हैं और स्थापत्य व वास्तुकला के अद्वितीय थाती हैं।
इन सभी मन्दिरों में सनातनी पूर्वजों के समर्पण, अथक परिश्रम और कला निपुणता अपने उत्कृष्ट रूप में दृष्टिगोचर होता है।
बादामी कन्दराओं (BADAMI CAVES), कर्नाटक में निर्मित इन मन्दिरों को देखकर दाँतों तले अंगुली दबा लेंगे।
मन्त्रमुग्ध हो देखते रह जाएँगे।
श्री महा विष्णु कन्दरा मन्दिर (cave - 3) में मनोहारी श्री हरि विष्णु का विग्रह स्थापित है।
यह कन्दरा मन्दिर समुच्चय चालुक्य नरेशों (चालुक्य साम्राज्य, चालुक्य वंश) के द्वारा ५२८ ई. में बनवाया गया है।
इन कन्दराओं में
कन्दरा - १ (cave - 1) भगवान शिव को समर्पित है।
कन्दरा - २ और ३ ( cave - 2 & 3) भगवान श्री विष्णु को समर्पित है।
कन्दरा - ४ ( cave - ४) भगवान महावीर स्वामी को समर्पित है। (चित्र - साभार)
इन कन्दरा मन्दिरों में पत्थर के चट्टानों को आश्चर्यजनक रूप से काटकर मन्दिरों को भव्यता प्रदान किया गया है।
छत और स्तम्भों पर गढ़े मूर्तियों और उकीर्ण आकृतियों को zoom करके देखें, रोमांचित हो जायेंगे।
इनकी भव्यता किसी को भी सम्मोहित कर सकते हैं।
भव्यतापूर्ण सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय श्रीमन्नारायण🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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