सनातन धर्म

रानी की बाव या रानी की बावड़ी एक विश्व विख्यात अद्भुत धरोहर है।

इसे विश्व धरोहर में भी सम्मिलित किया गया है।

रानी की बाव पाटण, गुजरात में स्थित है।

रानी की बाव का निर्माण सोलंकी वंश के शासक भीम प्रथम की पटरानी तथा सौराष्ट्र के खेंगारा की पुत्री उदयमती के द्वारा ११ वीं शताब्दी में करवाया गया था।

रानी की बाव एक दुर्लभतम अकल्पनीय संरचना है।

इसी बाव की भित्ति पर माँ महिषासुरमर्दिनी की एक अप्रतिम सौंदर्यपूर्ण प्रतिमा निर्मित हैं।

माँ महिषासुरमर्दिनी अष्टदशभुजी हैं और इनके सभी हाथों में अस्त्र शस्त्र सुसज्जित हैं।

महिषासुर का उद्भव महिष-(भैंसे) से हो रहा है जिसका वध माँ अम्बे अपने त्रिशूल से कर रही हैं।

माँ महिषासुरमर्दिनी का वाहन सिंह महिषासुर पर आक्रमण किए हुए है।

सूक्ष्म से सूक्ष्म कलाकृति और आभूषण भी पूर्ण स्पष्टता से उकीर्ण किया गया है और प्रतिमा जीवन्त प्रतीत होता है। (चित्र-साभार)

अद्वितीय सनातन धरोहर....!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय माँ भगवती महिषासुरर्दिनी 🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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