सनातन धर्म
विधर्मी रेगिस्तानी पशुओं का अत्याचार, असभ्यता और सनातन धर्म के प्रति शत्रुता का ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत है इन भग्नावशेषों के रूप में।
ये भग्नावशेष श्री मार्कण्ड देव मन्दिर, चमोर्शी, महाराष्ट्र का है।
(चित्र - साभार)
श्री मार्कण्ड देव मन्दिर ८वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था जिनमें २४ मन्दिरों का समुच्चय था।
परन्तु विधर्मियों के अत्याचार और मन्दिर विध्वंस के कारण वर्तमान समय में अधिकांश मन्दिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में ही हैं।
श्री मार्कण्ड देव मन्दिर भगवान शिव को समर्पित था।
अन्य मन्दिरों में भिन्न भिन्न सनातन देवों का पूजन अर्चन किया जाता था।
इसके वास्तुशैली को ध्यान से देखें तो खजुराहो मन्दिर के वास्तुकला, मूर्तिकला व भव्यता में समानता दिखाई देता है।
जब भग्नावशेष इतना अद्भुत है तो अपने सम्पूर्ण सौंदर्य में यह मन्दिर कितना भव्य और दर्शनीय रहा होगा यह सोचकर गर्व और पीड़ा दोनों ही की अनुभूति साथ साथ होती है।
वैभवशाली सनातन धरोहर के भग्नावशेष...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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