सनातन धर्म
वही अनादि हैं, वही अनन्त हैं।
वही कण कण में व्याप्त हैं। समस्त ब्रह्माण्ड उन्हीं से है और उन्हीं में समाहित है।
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥
देवाधिदेव महादेव का दुर्लभतम अद्वितीय अघोरमूर्ति शिव विग्रह।
श्रीकण्ठेश्वर मन्दिर, नंजनगुड़, कर्नाटक।
इस अद्भुत विग्रह में भगवान शिव के ३० हाथों में विभिन्न अस्त्र शस्त्र आयुध सुसज्जित हैं।
जब नकारात्मक शक्तियों का अत्यधिक उत्थान हो जाता है तो भगवान शिव अपने संहारक रूप में उन दुष्ट शक्तियों का संहार कर ब्रह्माण्ड में संतुलन स्थापित करते हैं।
सम्पूर्ण विग्रह अकल्पनीय शिल्पकला का आदर्श प्रतिकृति हैं।
वस्त्र, आभूषण, साज सज्जा जिस उत्कृष्ट रूप में निर्मित है यह शिल्पकार के कर्मठता, निपुणता, प्रवीणता का द्योतक है।
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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