सनातन धर्म
हमारे सनातनी पूर्वजों के लिए धर्म ही सर्वोपरि रहा है इसलिए उन्होंने सबसे अधिक अपने आराध्य देव के मन्दिरों के निर्माण में अपने कला के उत्कृष्टता का प्रदर्शन किए हैं।
पन्द्रहवीं शताब्दी में बने हुए इन प्राचीन मन्दिरों को देखने पर दृष्टि हटाने की इच्छा नहीं होती है।
(चित्र-साभार)
ये विजयनगर, गुजरात, जिसे पोलो फारेस्ट भी कहते हैं में स्थित हैं।
इनके वास्तुशिल्प और स्थापत्यकला अतुलनीय हैं।
कितना आश्चर्यजनक है कि यह निर्माण सनातनी हाथों से हुआ है।
इनके सम्पूर्णता और एकरूपता का कोई अन्य अनुकृति समकालीन विश्व में कहीं भी ढूँढना असम्भव है।
यदि कोई वामी/कामी/कांगी/librand कहीं विश्व में इसकी अनुकृति ढूंढ पाए तो अवश्य ही बताना।
अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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