सनातन धर्म
भगवान श्रीमन्नारायण के आवेशावतार (षष्ठ) श्री परशुरामजी का दुर्लभतम प्रतिमा है यह।
यह प्रतिमा ग्यारहवीं शताब्दी का निर्मित माना गया है।
यह अप्रतिम प्रतिमा बेलूरघाट महाविद्यालय, पश्चिम बंगाल के संग्रहालय में संरक्षित हैं।
(चित्र-साभार)
इसके अंग अवयव, भाव भंगिमा, आभूषण की उत्कृष्टता सनातनी शिल्पकार के प्रवीणता व निपुणता के परिचायक हैं।
इनके हाथों में परसु सुशोभित है।
यज्ञोपवीत को अनुपम रूप में उकेरा गया है।
कटि प्रदेश में बंधे अंगवस्त्र के गांठ पर ध्यान दें, यह कितने उत्कृष्ट रूप में गढ़ा गया है।
लघु मूर्तियां का सौंदर्य ही अनूठा है।
अतुलनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय श्री परशुराम जी 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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