सनातन धर्म
सनातन धर्म के जितने भी अतिप्राचीन मन्दिर/मठ हैं उनमें कोई न कोई रहस्यमयी विलक्षणता होते ही हैं।
उनके निर्माण के पीछे एक सम्पूर्ण गाथा होती है।
इसका प्रमुख कारण है की मन्दिर/मठ निर्माण से पूर्व उस स्थान को पञ्चभूतो का आवाहन कर 'सिद्ध/जागृत' किया जाता था।
ऐसा ही एक दिव्य स्थल कोटितीर्थ है।
कोटितीर्थ वितस्ता (झेलम) नदी के तट पर स्थित एक पवित्र स्थान है।
यह कोटितीर्थ बारामुला, कश्मीर में है।
इस दिव्य कोटितीर्थ में एक अतिप्राचीन अतिदुर्लभ शिवलिङ्ग स्थापित हैं।
(चित्र-साभार)
इस पौराणिक कोटितीर्थ का उल्लेख भृगुसंहिता में है।
इस कोटितीर्थ में एक ऐसा अकल्पनीय झरना है जो अपने विलक्षण गुण के कारण अद्वितीय है।
इस अद्भुत झरना का जल गर्मी में ठंढा और सर्दी में गर्म रहता है।
यह एक अद्भुत दर्शनीय धार्मिक स्थल है।
अद्भुत सनातन धरोहर...!!
ॐ नमः परम् शिवाय 🚩
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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