सनातन धर्म
भगवान शिव का लिङ्गोद्भव मूर्ति कितने अद्वितीय रूप में उत्कीर्ण किया गया है।
इस सम्पूर्णता व निपुणता से सूक्ष्म से सूक्ष्म अवयवों, बेल-बूटों, झरोखों इत्यादि का निर्माण किया गया कि दर्शक मन्त्रमुग्ध हो जाते हैं।
लिङ्गोद्भव के शीर्ष पर बने रक्षक, अभिषेक करते हुए गज, एवं देव की मूर्ति के निर्माण पर ध्यान दें।
कितने अद्भुत दृश्य को अनुपम रूप में गढ़ा गया है।
यह दुर्लभतम पाषाण शिल्प सनातनी हाथों से निर्मित हुए हैं।
यह विरुपाक्ष मन्दिर, पट्टदकल, कर्नाटक में हैं।
(चित्र - साभार)
सनातनी पूर्वजों ने जो भी शिल्पकला व वास्तुकला में निर्मित किए हैं उसकी प्रतिकृति भी बनाना आधुनिक युग में अकल्पनीय ही लगता है।
वैभवपूर्ण सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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