सनातन धर्म

परमपिता परमेश्वर भगवान महादेव का विग्रह सामान्यतः पूर्वाभिमुख व जगन्माता देवी माँ पार्वती का पश्चिमाभिमुख होते हैं।

अर्थात शिव मन्दिर का मुख पूर्व दिशा की ओर और पार्वती मन्दिर का मुख पश्चिम दिशा में खुलता है, और दोनों ही मन्दिर एक दूसरे के आमने सामने होते हैं।

किन्तु यह एक दुर्लभतम मनोहारी शिव विग्रह है जो दक्षिणाभिमुख है...!!!

श्री दक्षिणामूर्ति महादेव, श्री काँची कैलासनाथर मन्दिर, पिल्लैयारपलायम, कांचीपुरम, तमिलनाडु।

यह दक्षिणाभिमुख शिव का कैलासनाथर मन्दिर सातवीं शताब्दी का बना आकर्षक मन्दिर हैं।

अपने दुर्लभतम कलाकृतियों और वास्तुशिल्प के कारण मन्दिर दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर देता है।

दक्षिणामूर्ति के रूप में भगवान शिव गुरुश्रेष्ठ परम् ब्रह्म हैं और अपने आशीर्वाद से विश्व का कल्याण कर रहे हैं।

मन्दिर में निर्मित लघु मूर्तियाँ, गज व सिंह की मूर्तियाँ अपने निर्माणकर्ता के निपुणता और प्रवीणता को सुस्पष्ट रेखांकित करते हैं। (चित्र - साभार)

भगवान शिव का विग्रह भक्तों को अपने अनुपम रूप से सम्मोहित करते हैं।

अतुलनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम