सनातन धर्म

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै न काराय नमः शिवाय॥

यह दुर्लभ भगवान शिव की प्रतिमा इस बात का प्रमाण है कि सम्पूर्ण विश्व में कोई भी महादेश एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका हो या जावा, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया या अरब देश सभी सनातन धर्म को ही मानते और सनातन संस्कृति से ही संचालित होते थे।

यह प्रतिमा सहस्रों वर्ष प्राचीन हैं।

यह भगवान शिव की प्रतिमा विश्व के सबसे इस्लामी अधिसंख्यक देश इंडोनेशिया की है।
(चित्र-साभार)

इस अखण्ड पाषाण प्रतिमा में भगवान शिव संग भैरव जी, श्री गणपति जी, नन्दी महाराज जीवन्त रूप में निर्मित हैं।

इस प्रतीमा के मुखमंडल, आभूषण, त्रिशूल, वस्त्र परिधान, नन्दी महाराज की पूंछ आदि को गढ़ने में किए गए उत्कृष्ट शिल्पकारी कितने मनमोहक प्रस्तुति हैं।

धन्य हैं सनातनी पूर्वज जिन्होंने इस अप्रतिम प्रतिमा का निर्माण किए।

अद्भुत विश्व सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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