सनातन धर्म

धरती के स्वर्ग कश्मीर के कण-कण में भगवान शिव समाहित हैं।

कश्मीर के श्रीनगर में शङ्करमठ के निकट ही अतिप्राचीन दुर्गानाग मन्दिर हैं।

दुर्गानाग मन्दिर में दुर्लभ शिवलिङ्ग स्थापित है।

अतीत में आदि शङ्कराचार्य अपने साधना के लिए इसी शङ्कर मठ में ठहरे थे।

इसी शङ्कर मठ में आदि शङ्कराचार्य को माँ शक्ति स्वरूपा देवी के दर्शन प्राप्त हुए थे।

माँ के दर्शन प्राप्ति से आह्लादित आदि शङ्कराचार्य ने यहीं उनके विश्व विख्यात कृति "सौंदर्य लहरी" की रचना किए थे।

दुर्गानाग मन्दिर तक सीढ़ियों के निर्माण अठारहवीं शताब्दी में करवाया गया है।

यह एक जागृत पीठ है। दर्शनकर्ता भक्तों के मनवांछित अभीष्ट को पूर्ण करते हैं।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम