सनातन धर्म
जब माँ दुर्गा का अवतरण हुआ तो असुर संहार के लिए सभी देवताओं ने उनमें अपनी मातृशक्ति को प्रेषित कर दिया था, यथा श्री विनायक ने देवी विनायकी के रूप में, श्री नरसिंह ने देवी नृसिंहि के रूप में, श्री वराह ने देवी वाराही के रूप में इत्यादि..!!
देवी वाराही का एक सुविख्यात मन्दिर "पञ्च सागर शक्तिपीठ" वाराणसी, उत्तरप्रदेश में है।
इस मन्दिर में देवी वाराही की उपासना वैष्णव, शैव, शाक्त सभी परम्पराओं के भक्त करते हैं।
ऐसी मान्यता है कि यहाँ देवी सती के नीचे दाँत गिरे थे अतः इसे शक्तिपीठ भी माना जाता है।
पञ्च सागर मन्दिर में माँ शक्ति को देवी "वाराही" के रूप में तथा भगवान शिव को "महारुद्र" अर्थात आवेशावतार के रूप में पूजन आराधना किया जाता है।
इस मन्दिर की एक प्रमुख विशिष्टता है कि यह दिन में मात्र दो घण्टे के लिए पूजन के लिए खुलता है और पुनः सम्पूर्ण दिन के लिए बन्द कर दिया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि माँ वाराही रात्रि में वाराणसी की रक्षा स्वयं करती है।
भक्तों के आस्था का यह मन्दिर प्रमुख केन्द्र है।
भव्यतापूर्ण सनातन धरोहर...!!
या देवि सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🚩
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय जय जय माँ वाराही 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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