सनातन धर्म
अभी श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में श्री राम जन्मस्थल पर मन्दिर का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
इस मन्दिर का श्रेय लेने वाले सत्ताजीवियों में होड़ मची है कि कौन सबसे बड़ा भक्त है (कथित)।
इसके आगे चर्चा को विराम देकर आर्यावर्त से सुदूर समुद्र पार के देश थाईलैंड चलते हैं.!
वैसे तो थाईलैंड बौद्ध बाहुल्य देश है।
पर क्या आप जानते हैं कि थाईलैंड का राष्ट्रीय ग्रंथ रामायण है.??
रामायण का अध्ययन वहां के विद्यालय में पाठ्यक्रम में समहित है।
वहां के सभी विद्यार्थियों को रामायण का अध्ययन अनिवार्य है।
वहां रामायण को "RAMAKEIN" के नाम से अंगीकृत किया गया है।
वास्तव में Ramakein में तीन ग्रंथों के निचोड़ को संयुक्त रूप से संकलित किया गया है।
ये ग्रंथ हैं १. श्री वाल्मीकि रामायण, २. श्री विष्णु पुराण और ३. श्री हनुमान नाटक।
अब आप स्वयं सोचिए कि आर्यावर्त से २५८७ कि.मी. दूर देश में रामायण पाठ्यक्रम में समहित है और इसका अध्ययन वहां के विद्यार्थियों को अनिवार्य है।
परन्तु इस भूमि का दुर्भाग्य देखिए कि जो प्रभु श्री राम जी की जन्मभूमि है वहां सत्ताजीवी इसे कभी पाठ्यक्रम में समहित नहीं कर पाए, हाँ श्री राम जी के नाम पर सत्ता भोगने में आगे रहे।
पर "कथित-महान-हिनू" कूद कूद कर जन्मभूमि मन्दिर के पुनर्निर्माण का श्रेय लेने को आतुर है.!!
अब ये निर्णय आपके विवेक पर छोड़ता हूं कि छद्म हिनू और शुद्ध सनातनी में क्या अंतर है....
जय सनातन धर्म 🙏🚩
राजा रामचन्द्र जी की जय 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🌺🚩
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