सनातन धर्म
Era परिवर्तन क्या और कैसे होता है इसका एक उदाहरण लेते हैं.!
Pre 2014 और Post 2014 के era का निष्पक्ष विश्लेषण करें.!
आईए इसे भिन्न दृष्टिकोण से देखते हैं...
२०१४ से पूर्व सोशल मीडिया भी था आर्यावर्त के अनेकानेक सनातनी और देशप्रेमी भी थे किन्तु उनकी अभिव्यक्ति उतनी स्वतंत्र रूप से प्रस्फुटित नहीं हो पाती थी क्योंकि ji-हादी समर्थक विषकन्या द्वारा संचालित व्यवस्था था और एक अनकहा प्रतिबंध व्याप्त था।
अब इस भव्य वैभवशाली धरोहर को देखें..
ऐसा नहीं है कि इसका निर्माण २०१४ के पश्चात हुआ है, परन्तु यह अधिकांश देशवासियों के लिए अल्पज्ञात ही था।
इसके बारे में लोगों को जानकारी का आभाव इसलिए था क्योंकि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मात्र ताजमहल और कुतुबमीनार ही था या फिर अजमेर वाले मुर्दे का कब्र।
कांगी और वामी अपने सनातन से घृणा के कारण हमें स्वर्णिम सनातनी इतिहास तक नहीं पढ़ाया गया।
सौ एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में निर्मित यह मन्दिर आर्यावर्त ही नहीं स्यात विश्व का सबसे भव्यतापूर्ण मन्दिर है।
यह पन्द्रह टन स्वर्ण से निर्मित श्री महालक्ष्मी मन्दिर, वेल्लोर, तमिलनाडु में स्थित है।
(चित्र-साभार)
इस मन्दिर की अद्वितीय कलाकृतियाँ किसी अन्य भवन या मन्दिर में नहीं दिखाई देती हैं।
करोड़ों श्रद्धालु भक्त मन्दिर में माँ लक्ष्मी जी का दर्शन कर उनके आशीर्वाद से लाभन्वित होते हैं।
ऐसे अनेकानेक सनातनी रत्नों की जानकारी जनसामान्य को २०१४ के उपरांत सुलभप्राप्य हो सका जिसमें सोशल मीडिया का योगदान सराहनीय है।
सभी अतुलनीय सनातनी धरोहरों की जानकारी सबों तक पहुँचे यही आकांक्षा है।
गौरवान्वित सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महालक्ष्मी माँ🙏🌺
जय महाकाल 🙏🌺🚩
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