सनातन धर्म
दुर्भाग्य का स्मारक...........!?!
(फतेहपुर सीकरी)
फतेहपुर सीकरी का यह विशाल किला "सकरवार क्षत्रिय राजाओं" का था।
बर्बर म्लेच्छ विधर्मी आक्रांता बाबर के हमलों से षड्यंत्र द्वारा पराजित होने के पश्चात ये पूर्व की ओर प्रस्थान कर गए।
आज भी बड़ी संख्या में बिहार के विभिन्न स्थानों पर सकरवार राजपूत व भूमिहार पाये जाते हैं।
यहाँ सनातन की कलाकृतियों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।
जो विधर्मी केवल विध्वंस जानता है, उन मुगलों ने अधिकार करने के पश्चात उसमें कुछ निर्माण तो नहीं किया अपितु जो देवी देवताओं की मूर्तियाँ थीं सब नष्ट कर दिया।
किले के अंदर मस्जिद, मजार का निर्माण जो किया गया है उसमें अंतर आज भी स्पष्ट दिखाई देता है।
कई स्थानों पर श्री हनुमान जी का चित्र अब भी मिलता है ध्यान से देखने पर बहुत से देवताओं की मूर्तियां झलकती है।
यहीं बगल में खानवा का युद्ध "महाराणा सांगा" व बाबर के बीच हुआ था।
विजेता राणा सांगा का साम्राज्य अफगानिस्तान से गुजरात मालवा क्षेत्र तक फैला था।
सीकरी गढ़ के बगल में ही खानवा पहाड़ पर विजय स्तम्भ के रूप में महान "राणा सांगा" का स्मारक गर्व से खड़ा है।(चित्र-साभार/संशोधित)
सभी सनातनी को यह विजय स्मारक देखने जाना चाहिए।
वहाँ जाते ही मन रोमांच से भर जाता है!!!!
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय भवानी🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
Comments
Post a Comment