सनातन धर्म

परमपिता परमेश्वर भगवान शिव व जगतमाता माँ शक्ति का अनुपम अर्धनारीश्वर प्रतिमा।

बारहवीं शताब्दी में कोलुथुंग चोल प्रथम द्वारा निर्मित चोल वास्तुशिल्प का अनुपम अतुलनीय उदाहरण है यह भगवान अर्धनारीश्वर की प्रतिमा।

श्री अमृतकदेश्वर मन्दिर, मेलकदाम्बुर ग्राम, कड्डलोर जनपद, तमिलनाडु। (चित्र - साभार)

इस मन्दिर का १५०० वर्षों से भी अधिक प्राचीन सनातन परंपरा का इतिहास है।

सनातनी शिल्पकार ने अपने कला निपुणता पारंगतता का सम्पूर्ण उपयोग किया है इस प्रतिमा के मुकुट, आभूषण, चंद्रहार, यज्ञोपवीत, कमरबंद, कंगन आदि के सृजन में.!

मुखमंदल एवं अंगविन्यास, हाथों की भाव भंगिमा, नन्दी महाराज के मुख, ग्रीवा आदि में इस कला की उत्कृष्टता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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