सनातन धर्म
सम्पूर्ण सृष्टि के सृजनकर्ता....!!
समस्त ब्रह्माण्ड के पालनकर्ता....!!
और सावधिक विघटन के लिए...
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के संहारकर्ता....!!
वे जिन्होंने (जब भागीरथ के आग्रह पर भी ब्रह्मा-पुत्री माँ गङ्गा के वेग को सहन करने कोई उपलब्ध नहीं हुए तो) माँ गङ्गा को अपनी जटाओं में स्थान दे दिए...!!
वे जिन्होंने (जब समुद्रमंथन से प्राप्त हलाहल विष को स्वीकार करने के लिए कोई आगे नहीं आए और सम्पूर्ण सृष्टि त्राहिमाम कर उठी) हलाहल विष का पान सहर्ष स्वीकार कर सृष्टि की रक्षा किए...!!
जो हर परिस्थिति में शान्त संयमित ही रहे....!!!
अपने ओर से सम्पूर्ण जगत में ज्ञान, प्रकाश, दया, करुणा, आशीर्वाद, अनुग्रह, कृपा बाँटने के उपरांत भी जब उन्हें माँ शक्ति से, अपने अर्ध-अस्तित्व, अर्ध-चेतना से विलग किया गया, तो....
देवाधिदेव महादेव, शिव, शम्भु, महेश, भोले, हर, जटाधारी, त्रिशूलधारी अपने अर्ध-अंश की विरह से व्यथित हो क्रोध को धारण कर गए....!!
भगवान अर्धनारीश्वर सबों पर कृपा बनाए रखें.!! सबों का कल्याण करें.!! सबों को मोक्ष प्रदान करें.!!
परमपिता महेश्वर व माता सती का अनुपम प्रतिमा.!!
श्री दक्षेश्वर महादेव मन्दिर, कनखल, हरिद्वार, उत्तराखंड।
मनोहारी सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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