सनातन धर्म
देवाधिदेव महादेव के अधिकांश शिवालयों में प्रभु को शिवलिङ्ग के रूप में ही पूजन किया जाता है।
माँ पार्वती का या तो पृथक मन्दिर होता है या फिर उसी शिवालय में पृथक विग्रह रूप में पूजन किया जाता है।
परंतु परमपिता महादेव का संभवतः यह एक मात्र शिवालय पूजन स्थल है जहाँ उन्हें संयुक्त - विग्रह "हर-गौरी" के रूप में पूजा जाता है।
यह वेलपुर, नजीमाबाद , तेलंगाना में है, जिसे यादव राजाओं ने तेरहवीं शताब्दी में बनवाया है
इसे स्थानीय लोगों के द्वारा "अर्धनारी-नटेश्वर" कहा जाता है।
इसमें श्री उमा-महेश्वर के संयुक्त विग्रह हैं।
(चित्र - साभार)
सनातनी शिल्पकार ने अपनी सम्पूर्ण कला निपुणता पारंगतता उत्कृष्टता को इसके निर्माण में उड़ेल दिया है।
ध्यान से इनके मुखमंडल, अंगविन्यास, वस्त्र, आभूषण, आयुध, मुकुट, तोरण आदि को देखने पर कला उत्कृष्टता संपूर्णता को देखा जा सकता है।
यह अतुलनीय शिल्प कला का एक आदर्श उदाहरण है।
शिव भक्त के लिए यह अत्यंत लोकप्रिय पूजन और दर्शनीय स्थल है।
अद्वितीय सनातन धरोहर...!!
ॐ नमः परम् शिवाय 🚩
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय माँ भगवती भवानी 🙏🌺
जय महाकाल🙏🔱🚩
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