सनातन धर्म और हम

इस मन्दिर को देखकर अपने पूर्वजों के शिल्पकला और स्थापत्य कला के ज्ञान पर सिर गर्व से उठ जाता है।

इसे बनाने में लगे समय परिश्रम की कल्पना से ही एक रोमांचक अनुभूति होती है।

इस मन्दिर में एक ईंच भी स्थान ऐसा नहीं है जहाँ शिल्पकारी नहीं किया गया हो।

श्री उमामहेश्वर, श्री हरि विष्णु, माँ भगवती, आदि आदि अनेकों देवी, देवों को कितने मनमोहन रूप में गढ़ा गया है।

गज, अश्व, नर्तकों, पहियों के शृंखला को जिस एकरूपता और सम्पूर्णता से उकीर्ण किया गया है उसकी कोई तुलना नहीं है।

बेल बूटे से जिस प्रकार इसके सौन्दर्य को बढ़ाया गया है उसकी व्याख्या भी संभव नहीं है।

कितना महान सनातन धरोहर है ये...!!!

क्या वास्तव में भारतवर्ष में एक ही आश्चर्य "तेजोमहालय" ही है.???

यह लक्ष्मी-नरसिंह मन्दिर हरणहल्ली, कर्नाटक में स्थित है।
(चित्र – साभार)

इसकी सुंदरता को ध्यान से देख इसका आनन्द लें.!

अतुलनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म 🙏🚩

जय माँ महालक्ष्मी🙏🌺

जय श्री हरि नारायण 🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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