सनातन धर्म और हम
माता पार्वती और परमपिता परमेश्वर शिव का अद्भुत अनुपम प्रतिमा।
इसका संबंध अंधकासुर के उत्पत्ति से है।
इसमें माता पार्वती ने परिहास में परमपिता परमेश्वर के आँखों को ढाँप रखी हैं।
और ऐसा होते ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में अन्धकार व्याप्त हो जाता है।
तभी परमपिता परमेश्वर के स्वेद से अंधकासुर का जन्म होता है।
सनातनी पूर्वजों ने सभी घटनाओं, सम्बन्धों, क्षणों को कितने अद्भुत और सौंदर्यपूर्ण रूपों में सृजन कर संग्रहित किया है।
इस प्रतिमा के वस्त्र परिधान, आभूषण, मुकुट, माला नन्दी महाराज, पुष्प बेलों के निर्माण में किए गए सुक्ष्म प्रयोगों को zoom करके देखें।
सनातनी शिल्पकार की उत्कृष्ठ प्रस्तुति और सर्वोच्च कला निपुणता पारंगतता उत्कृष्टता संपूर्णता दिखाई देगा।
धन्य हैं शिल्पकार जिन्होंने ऐसी रचनाओं को गढ़ा है और धन्य है वे नरेश जिन्होंने उनके कला को संरक्षण और संवर्धन में सहयोग किए और उन्हें साधन उपलब्ध कराए।
अतुलनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय भवानी 🙏🌺
जय महाकाल🙏🔱🚩
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