सनातन धर्म और हम

हमारे सनातनी पूर्वजों को पाषाण शिल्पकला, अभियांत्रिकी, तकनीकी, भूगर्भ शास्त्र, खगोलशास्त्र, और वास्तुकला का कितना वृहद ज्ञान था तथा वे अपने कला में कितने निपुण थे इसका जीवंत उदाहरण यह अद्वितीय मन्दिर है।

यह देवाधिदेव महेश्वर को समर्पित जम्बुकेश्वर मन्दिर हैं।

यह मन्दिर तिरुचिरापल्ली(त्रिचि), तमिलनाडु में स्थित हैं।
(सभी चित्र साभार)

इस मन्दिर के हर शिलाखण्ड में एक अलग कहानी दृश्यमान होते हैं।

इस मन्दिर का कण कण कुछ कहता हुआ प्रतीत होता है।

बस आप एकाग्र चित्त होकर उसे सुनें और उस भावामृत का पान करते हुए परमानन्द में गोते लगाते रहें.!

Zoom करके देखने पर विस्मयकारी शिल्प कला के उदाहरण दिखेंगे।

ॐ नमः परम् शिवाय 🚩

वैभवशाली समृद्ध सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम