सनातन धर्म और हम
भगवान शिव के रूद्रावतार आञ्जनेय महावीर स्वामी जी हैं।
सभी मन्दिरों में भगवान महावीर जी की प्रतिमा पाँव पर खड़ी मिलती हैं।
(कुछ अपवाद हैं जहाँ बजरंगबली शयन मुद्रा में भी हैं।)
किन्तु एक अनूठा दुर्लभ मन्दिर जहाँ भगवान महावीर जी सिर के बल उल्टे खड़े हैं।
सम्भवतः यह सम्पूर्ण विश्व का एकमात्र मन्दिर है जिसमें भगवान बजरंगबली का विग्रह सिर के बल उल्टा खड़े हैं।
यह अद्वितीय प्राचीन महावीर मन्दिर साँवेर गाँव, मध्यप्रदेश में स्थित है जो इंदौर से लगभग २५ मील की दूरी पर है।
उल्टे महावीर स्वामी जी के बारे में एक पौराणिक कथा है कि..
जब त्रेतायुग में प्रभु श्री राम जी का युद्ध दशानन रावण से हो रहा था तो अहिरावण ने अपना वेश बदलकर श्री राम की सेना में मिल गया। यह उसकी एक चाल थी।
उसने अपने षड्यंत्र के अनुसार जब श्री राम और भ्राता लक्ष्मण सो रहे थे तो उन्हें मूर्छित कर उनका अपहरण कर लिया।
अहिरावण उन दोनों को अपने साथ पाताल लोक में ले गया। प्रातः काल उन दोनों को शिविर में अनुपस्थित देख समस्त वानर सेना में हाहाकार मच गया। अन्ततः बजरंगबली ने पाताल लोक में श्री राम और लक्ष्मण का पता लगाकर अपने पुत्र मकरध्वज की सहायता से अहिरावण का वध करके श्री राम और लक्ष्मण को सकुशल वापस लाए।
यह मान्यता है कि बजरंगबली साँवेर से ही पाताल लोक में प्रवेश के लिए यहीं से प्रस्थान किए थे। चूँकि पाताल लोक आकाश के विपरीत दिशा में है तो जब वे प्रस्थान किए तो उनका चरण आकाश की ओर व सिर पृथ्वी की ओर था।
इसीलिए यहाँ भगवान महावीर जी के उल्टे प्रतिमा का पूजन अर्चन किया जाता है।
यहाँ मन्दिर में भगवान महावीर जी की प्रतिमा के अतिरिक्त प्रभु श्री राम, माता सीता, भ्राता लक्ष्मण, और परमपिता महादेव व माता पार्वती की प्रतिमाएँ भी हैं।
यह विग्रह अत्यंत चमत्कारिक माना जाता है।
यहाँ देश भर से भक्त इस दुर्लभ विग्रह के दर्शन के लिए आते हैं।
मंगलवार को यहाँ बजरंगबली को चोला चढ़ाने की परम्परा है।
अद्वितीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय आञ्जनेय महावीर हनुमान जी 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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