सनातन धर्म और हम

भारतीय इतिहास के पुस्तकों में वामपंथी इतिहासकार ने बर्बर मुग़ल आक्रांताओं के पाप को छुपाने के लिए उसका बहुत बड़ाई लिखा है, किन्तु........

सनातनी पराक्रमी महावीर विद्याधर चंदेल ने विधर्मी महमूद गजनवी को पराजित कर उसका नाक भूमि पर रगड़वाया था, यह शौर्य गाथा लिखने में स्याही कम पड़ गया था।

देवाधिदेव महादेव का एक नाम "कंदर्पी" भी है। सम्राट विद्याधर चंदेल भगवान शिव के उपासक थे।
अतः उन्होंने महमूद गजनवी को पराजित करने के उपरांत अपने शौर्य की गौरव गाथा को लिखने के लिए एक भव्य मन्दिर का निर्माण करवाया। 

इस मन्दिर को भगवान शिव के"कंदर्पी" नाम पर ही कंदरिया महादेव मन्दिर रखा गया।

श्री कंदरिया महादेव मन्दिर भगवान शिव को समर्पित है।

यह आर्यावर्त का पहला मन्दिर है जो आक्रांता मुगलों को पराजित कर विजय के उल्लास में बनाया गया है।

श्री कंदरिया महादेव मन्दिर का निर्माण लगभग १००० ई. में किया गया है। यह मन्दिर १०९ फीट लम्बा, ६० फीट चौड़ा और ११६ फीट ऊँचा है।

श्री कंदरिया महादेव मन्दिर आर्यावर्त के प्रमुख भव्य मन्दिरों में से एक है। श्रेष्ठ वास्तुकला से निर्मित यह मन्दिर प्राचीन वैदिक सनातन शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। (zoom करके देखें)

यह मन्दिर सनातनी वास्तुकारों के निपुणता और प्रवीणता को दर्शाता है।

यह मन्दिर जितना भव्य है उतना ही सौन्दर्यपूर्ण भी है।

श्री कंदरिया महादेव मन्दिर, खजुराहो, मध्यप्रदेश।

इसकी भव्यता और सौंदर्य के समक्ष विश्व के सभी ७ अजूबे (seven wonders) बौने प्रतीत होते हैं।

शौर्य की विजय गाथा सुनाता प्राचीन सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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