सनातन धर्म और हम
परमपिता भोलेनाथ के भक्ति की अगन जब जल उठती है फिर औघड़दानी के भक्त आनन्द में उन्मत्त हो अपने आराध्य देव का पूजन अर्चन करने हेतु कहीं भी बैठ सकते हैं।
वो थल हो या जल.!!
मैदान हो या मरुस्थल.!!
कन्दरा हो या पर्वत.!!
कोई अन्तर नहीं पड़ता.!!
बस एक महादेव की राग.!!!
यह परमपिता देवाधिदेव महादेव का अद्वितीय, अतुलनीय स्वयम्भू शिवलिङ्गमसघन वन में स्थापित है.!!
श्री सुंदर महालिङ्गम, सथूरागिरी पहाड़ी, मदुरई के निकट, तमिलनाडु। (चित्र - साभार)
भगवान शिव अपने दिव्य प्रकाश से सघन वन को भी आलोकित कर रहे हैं।
यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य भक्तों को सम्मोहित कर मन्त्रमुग्ध कर दे रहे हैं।
शिव भक्त यहाँ भी अपने प्रभु से मिलने, उनका पूजन करने, इनका आशीर्वाद प्राप्त करने बढ़े ही भक्ति भाव से आते हैं।
अनुपम सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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