सनातन धर्म और हम
सनातन संस्कृति के प्रत्येक भवन, मन्दिर, राजप्रासाद में चहुँ ओर दुर्लभ शिल्पकला ही दृष्टिगोचर होता है।
इस नाग वलय में उपयुक्त शिल्प शैली, निपुणता, समय, एकाग्रता, परिश्रम की कल्पना क्या आप कर सकते हैं.??
क्योंकि एक भी असंतुलित आघात इस सम्पूर्ण शिल्प को नष्ट कर सकता था।
कितने सधे हुए हाथों ने इसे गढ़ा होगा....
अद्भुत... अनुपम... अप्रतिम...!!
धन्य हैं वे सनातनी शिल्पकार.!!!
यह झरोखा श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर का है, वाराणसी, उत्तर प्रदेश।
क्या किसी अन्य पन्थ/सम्प्रदाय के निर्माण में शिल्पकला का ऐसा प्रयोग आपने देखा है???
दुर्लभ सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
Comments
Post a Comment