सनातन धर्म और हम

जिसे चमत्कार भी नमस्कार करते हैं वही अकल्पनीय सनातन शिल्पकला है।

माँ नारायणी की इस प्रतिमा में सनातनी पूर्वजों की शिल्पकुशलता अपने उत्कृष्ट रूप में शोभायमान है।

तो भी वामपंथियों और लहरू गैंग के चरण-चाटूकारों को सनातन संस्कृति का वास्तुशिल्प प्रभवित नहीं कर पाए।

यह दुर्भाग्य सनातन संस्कृति के शिल्प कला का नहीं अपितु उन वामपंथियों और लहरू चमचों का रहा है, जिसके भाग्य में ही इनका आंनद लेना नहीं लिखा है।

अन्यथा सम्पूर्ण विश्व इसे चमत्कार ही मानेंगे और जानेंगे क्योंकि आधुनिक युग के तकनीकों से भी इस प्रतिमा की अनुकृति पुनर्निर्माण असम्भव ही प्रतीत होता है।

यह माँ महिषासुरमर्दिनि का दुर्लभतम प्रतिमा हलेबिदू मन्दिर, कर्नाटक में स्थित है।
(चित्र-साभार)

इस प्रतिमा को zoom करके देखें और उस वैभवशाली अतीत की कल्पनाओं को मग्न हो जाएँ।

वैभवपूर्ण सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म 🚩

जय जय माँ जगदम्बे 🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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