सनातन धर्म और हम
भगवान श्री हरि विष्णु शेषशायी हैं।
वे हरिशयन एकादशी के उपरांत चार मास तक शयन करते हैं और पुनः देवोत्थान एकादशी को अपने बैकुण्ठ से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के कार्य संचालन हेतु निद्रा का त्याग करते हैं।
जब जब धर्म की हानि होती है श्री हरि नारायण अवतरित हो कर सद रक्षण और खल निग्रह करते हैं।
समस्त ब्रह्माण्ड में सभी जीवों के आनंद के मूल वही सच्चिदानंद हैं।
भगवान अनन्त का एक दुर्लभतम प्रतिमा जिसमें श्रीमन्नारायण शेषनाग के कुण्डली पर शयन कर रहे हैं।(चित्र-साभार)
सभी देव, ऋषि आदि स्वस्तिवाचन कर रहे हैं।
यह दक्षिण भारत का चौदहवीं शताब्दी का निर्माण माना जाता है।
वतर्मान में यह अद्भुत प्रतिमा राष्ट्रीय संग्रहालय, स्कॉटलैंड, एडिनबर्ग, यूनाईटेड किंगडम में रखा है।
अमूल्य सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
ॐ नमो नारायणाय 🚩
जय श्रीमन्नारायण 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
Comments
Post a Comment