सनातन धर्म और हम
विशालकाय लोनार झील लगभग पचास सहस्र वर्ष पूर्व उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने से बना है।
लोनार झील को "लोनार क्रेटर" भी कहा जाता है।
लोनार का अर्थ "नमक की क्यारी" होता है।
अत्यधिक लवण तथा "HALOARCHAEA" लवण प्रेमी जीवाणुओं के कारण इसके जल का रँग गुलाबी है।
विश्व भर के विज्ञानी इस लवणीय जल के झील की ओर अनुसंधान हेतु आकर्षित होते हैं।
लोनार झील मुम्बई से लगभग ५०० कि.मी. दूर बुलढाणा जनपद, महाराष्ट्र में है।
लोनार झील के निकट भगवान महादेव के कुछ बारह मन्दिर रहे हैं।
उन्हीं शिवालयों में से एक में यह सर्वव्यापी, सर्वशक्तिमान भगवान शिव की अति प्राचीन दुर्लभतम शिवलिङ्ग स्थापित हैं।
अनुपम शिवलिङ्ग के समक्ष नन्दी महाराज चिरप्रतीक्षित अवस्था में प्रभु के ध्यान में मग्न बैठे हैं।
शिवालय की संरचना जीर्ण-शीर्ण हो गई है तो भी शिवलिङ्ग तथा नन्दी सुरक्षित हैं।
भगवान शिव के भक्त इस भग्न शिवालय में भी आराधना, उपासना हेतु सहर्ष आते हैं।
पर्यटकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण धर्म स्थली है।
महान सनातन धरोहर...!!
ॐ नमः परम् शिवाय 🚩
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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