सनातन धर्म और हम

देवाधिदेव महादेव के असंख्य मन्दिरों को विधर्मी मुगल आक्रांताओं ने अपने द्वेष के कारण अपवित्र और विध्वंस किया।

परन्तु चरणचाटुकार षड्यंत्रकारी वामजीवीयों ने अपने स्वार्थ सिद्ध हेतु इस वीभत्स कृत्यों को हमारे इतिहास से ही लोपित करा दिया है।

जिन मन्दिरों तक पापियों का हाथ नहीं पहुँचा और वे सुरक्षित रहे उनमें से एक हैं श्री लिङ्गराज मन्दिर।

श्री लिङ्गराज मन्दिर, भुवनेश्वर, ओडिशा।

श्री लिङ्गराज मन्दिर भगवान शिव को समर्पित है।

श्री लिङ्गराज मन्दिर भुवनेश्वर के सबसे पुरातन मन्दिरों में से एक है।

श्री लिङ्गराज मन्दिर में वृहताकार (वृहत परिधि में) शिवलिङ्ग स्थापित हैं।

श्री लिङ्गराज मन्दिर कलिंग वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।

श्री लिङ्गराज मन्दिर सोमवंशी साम्राज्य के राजाओं द्वारा निर्मित माना जाता है।

श्री लिङ्गराज मन्दिर का कुछ पुनर्निमाण व सौंदर्यीकरण गङ्ग शासकों द्वारा भी किया गया था।

मुख्य मन्दिर के अतिरिक्त अन्य मन्दिर समुच्चय आस पास निर्मित हैं।

सनातनी लोगों के लिए एक वैभवशाली दर्शनीय स्थल है।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

ॐ नमः परम् शिवाय 🚩

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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